National Seminar on IPR- 28 April 2026

“राजगढ़ में नवाचार की सुरक्षा पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन”

शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में IPR INSIGHT: PROTECTING Ideas in the Digital Age”* विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी मध्य प्रदेश शासन के अंतर्गत म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल (MPCST) द्वारा प्रायोजित एवं प्रोत्साहित की गई थी। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के आशीर्वाद एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। कार्यक्रम का संचालन सुश्री हिमानी नामदेव द्वारा किया गया।

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महाविद्यालय प्राचार्य श्री राजू जैतवार ने महाविद्यालय की उपलब्धियों की संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने मुख्य अतिथि कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा एवं विशिष्ट अतिथि शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय उज्जैन के प्राचार्य डॉ. आर.सी. गुप्ता का स्वागत किया। साथ ही वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संदीप सिंघाई (CSIR AMPRI Bhopal ) डॉ. एस. सुरेश (HOD Chemical Engineering MANIT Bhopal) एवं स्टार्टअप इंडिया मेंटर डॉ. अजय चौबे का भी अभिनंदन किया। संगोष्ठी की संयोजिका श्रीमति नेहा पाण्डेय ने संगोष्ठी के उद्देश्य एवं महत्त्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि डॉ. आर.सी. गुप्ता ने IPR का संक्षिप्त परिचय देते हुए इसके महत्व को बताया और विद्यार्थियों को अपने विचारों की सुरक्षा हेतु प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने विचारों की पहचान और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर अपने प्रेरणादायक विचार साझा किए। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ. मिश्रा पूर्व में जिला बालाघाट में पदस्थ रहते हुए नवाचार एवं बौद्धिक संपदा से जुड़े प्रयासों को बढ़ावा देने में सक्रिय रहे हैं तथा चिन्नौर चावल को जीआई (Geographical Indication) टैग दिलाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। अपने उद्बोधन में उन्होंने डिजिटल युग में नवाचारों की सुरक्षा तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही हाई-टी के बाद तकनीकी सत्र प्रारंभ हुआ। पहले सत्र में डॉ. संदीप सिंघाई ने अत्यंत सरल शब्दों में IPR की परिभाषा, प्रकार, आवेदन प्रक्रिया, योग्यता, शुल्क और वैधता की जानकारी दी। उन्होंने कोका-कोला, दुनिया के सबसे कम उम्र के पेटेंट धारक, पेपर पिन जैसे कई उदाहरण दिए। इसके बाद, डॉ. ए.के. चौबे ने व्यवसाय और उद्यमिता में IPR के महत्व को रेखांकित किया। सत्र का समापन श्रीमती नेहा पांडे द्वारा किया गया।

इसके बाद दूसरा सत्र आरंभ हुआ। डॉ. एस. सुरेश ने शैक्षणिक अनुसंधान में बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के महत्व पर प्रकाश डाला और अपने उद्बोधन में उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से बौद्धिक संपदा की सुरक्षा, कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के उपयोगी उत्पादों में रूपांतरण की नवीन तकनीकों तथा खाद्य संरक्षण के आधुनिक उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नवाचार और सतत विकास को जोड़ते हुए विद्यार्थियों को शोध एवं तकनीकी नवाचार की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस सत्र का समापन श्रीमती नेहा पांडे द्वारा किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा मौखिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।

समापन समारोह में पुरस्कार एवं प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। श्री मति नेहा पाण्डेय ने आभार प्रदर्शन करते हुए धन्यवाद दिया, कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।

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